कुछ कर गुजरने के जज्बे ने पंहुचाया शुन्य से शिखर तक …
श्री फतेहचंदजी एम. राणावत

नाम: श्री फतेहचंद मिश्रिमलजी राणावत
दूरभाष: ९९२०६७६७९३, ८०९४०२००३१
स्थान: गोडवाड में बीजोवा (पाली) राजस्थान
जन्म दिनांक: ३०/११/१९३८, बीजोवा (राजस्थान)
परिवार: पुत्र–पुत्रवधु: सुरेश–अनीता, कमलेश –शेफाली
पोत्र,पोत्री: शिप्रा,प्रणव,अंकुश,जानवी
पुत्री: उषा,संगीता,हेमा
व्यवसाय एवं फर्म: केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों
व सशस्त्र बलों में ड्रेस एवं स्कूली छात्रो हेतु
गणवेश (यूनिफार्म क्लॉथ) की आपूर्ति |
प्रतिष्ठान: शिप्रा इंटरप्राइजेज, शेफाली इंडस्ट्रीज LLP
पेनरो इंडस्ट्रीज LLP मुंबई
शिक्षा: श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय वरकाणा
राजस्थान से हुई स्कूल उत्तर्ण की |
विवाह: चाणोद निवासी श्री मगराजजी जीवराजजी
की सुपुत्री श्रीमती जतनबेन के संग संपन्न
हुआ |
वर्तमान में जिन संस्थाओं में सेवा दे रहे है :
- श्री पार्श्व जैन विद्यालय वरकाणा (९० वर्ष पुरानी ) संस्था के अध्यक्ष पद पर|
- श्री आदेश्वर श्वेताम्बर जैन संघ पूनम अपार्टमेंट वोर्ली में मैनेजिंग ट्रस्टी ( २५ वर्ष से) पद पर
- श्री पार्श्वनाथ उम्मेदजैन शिक्षण संघ फालना में कार्यकारिणी समितिके सदस्य |
- भारत जैन महामंडल मुंबई के सदस्य |
- श्री सतसंग समिति मुंबई के सदस्य, सदस्य संख्या– 88L-914
- श्री परमार्थ सेवा समिति मुंबई के सदस्य |
- मरुधर महिला शिक्षण संघ विद्यावाडी, खीमेल के सदस्य |
- मीटरगेज प्रवासीसंघ के आजीवन सदस्य |
पूर्व में जुडाव:
श्री श्वेताम्बर बीसा ओसवाल जैन संघ बीजोवा में गत १५ वर्षो तक अध्यक्ष का कार्यभार संभाला।
श्री गोडवाड ओसवाल जेन संघ गुलाल्वादी मुंबई के मैनेजिंग ट्रस्टी पद पर ६ वर्ष तक रहे।
श्री उवस्ग्गर पार्श्व तीर्थ नगर पुरा जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) संस्था मै उपाध्यक्ष पद पर रहे।
श्री पूनम अपार्टमेंट फॉ-आपरेटिव सोसायटी (256 फ्लैट) के चैयरमैन पद पर कार्यं किया।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान :
- अपनीमातुश्री श्रीमती भीकिबाई की स्मृति में गुडा-मेहराम (पं.स.रानी) मॅ माध्यमिक विद्यालय (श्रीमती भीकिबाई भूरमलजी माध्यमिक स्कूल) का निर्माण कराया।
- ग्राम विंगरला में अपने परम पूज्य पिताजी (श्री मिश्रीमल उम्मेदमल राणावत माध्यमिक विद्यालय)के नाम दो विघालय का निर्माण कराया।
- अपनीधर्मपत्नी के नामसे बीजोवा रेलवे फाटक पर (श्रीमती जतन बेन फतेहचंदजी राणावत माध्यमिक विद्यालय) निर्माण कराया।
- श्रीपार्श्वनाथ जेन विद्यालय वरकाणा के विद्यालय (हिंदी माध्यम) की ऊपर की विंग का निर्माण कराया l
- रा.उ.मा.वि. बीजोवा के अंतर्गत माँ सरस्वती के मंदिर का निर्माण कराया।
- श्रीपार्श्वनाथ जैन विद्यालय के मुख्या कार्यालय परिसर में ट्रस्टी रूम का निर्माण कराया।
- श्रीपार्श्वनाथ जैन विद्यालय, श्रीधनराजजी श्रीचंदजी बदमिया कालेज ग्राउण्ड में छात्रों कै बैठने, भोजन ग्रहण करने के लिए शेड ( जतू फतू रिफ्रेशमेंट सेंटर) निर्माण कराया।
- श्रीपार्श्वनाथजेन छात्रावास, विरार (महाराष्ट्र) मॅ कमरे का निर्माण कराया।
इस प्रकार आप अपने शेत्र में स्कूल वाले शेठ साहब के नाम से पहचाने जाते है|
संघ एवं यात्राओ का आयोजन :
- भारत वर्षमें पहली बार दो विशेष विमानों से 400 यात्रियों को श्री सम्मेत शिखरजी तीर्थ, राजगृही एवं पावापुरी की २/११/२००९ से ९/११/२००९ तक मेरे परिवार ने स्वयं के खर्च पर भव्य यात्रा करने का लाभ लिया।
- करीब ५०० यात्रियों का पहलासंघ 11 बसों के द्वारा श्री जिरावालाजी,श्री पार्श्वनाथजी, श्री बामनवारजी, श्री कुम्मार्याजी एवं श्री अम्बाजी आदि की भव्य यात्रा का आयोजन किया।
- ३०० यात्रियों कै संग श्रीमोहनखेड़ा, श्री मक्षीजी तीर्थ(मध्यप्रदेश) व नागेश्वर जी तीर्थ की यात्रा करवाई l
- २०० यात्रियों की तीन दिवसीय यात्रा श्री अंतरिक्ष पार्श्व तीर्थ उवास्सग्रम श्री केसरिया पार्श्वनाथ तीर्थ एवं भद्रावती तीर्थ यात्रा का आयोजन किया।
- बीजोवा में गच्छआधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद इन्द्रदीन सूरीजी के चातुर्मास में बड़े उत्साह से भाग लिया जिसमें बीजोवा से लेकर वरकाना तक एकऐतिहासिक वरघोडा जिसमें हाथी, घोडा, ऊटगाडी आदि सवारी एवं करीब २ कि.मी. तक बैंड बाजे व नाचगानो कै साथ निकाला गया।
- बीजोवा जेनसंघ के कईस्नेह सम्मेलन स्वय कै खर्च से करवाने का लाभ लिया |
- विदेशों मॅ पहली बार लन्दन से लस्कर तीर्थ मैस्वय.धर्मपत्नी श्रीमती जतनदेवी एवं पौत्री शिप्रा ने वहां जाकर औलिवां (नवपद) करवाई उसमें ९० तपस्वी थेI
- मुम्बई से श्रीसम्मेतशिखरजी रेल द्वारा पहली बार संघ श्री दादर शांतिनाथ जेन देरासर ट्रस्ट नेआयोजन किया संघ के बापस आने पर दादर में श्री वीसा ओसवाल जेन संघ द्वारा समस्त जाने वाले के लिए स्वामी वात्सल का आयोजन करने का लाभ लिया।
- आचार्य श्री सुशिलसूरीजी म.सा. बीजोवा गाव में चातुर्मास के दरम्यानपर्युषण माह पर्व पर तपस्या करने वाले
- मास खमन करने वाले को तपस्विओं को सोने की चेन
- १५ दिन व ऊपर उपवास करने वाले तपस्वियों को सोने की अंगूठी
- अट्ठाई व उससे ऊपर उपवास करने वाले तपस्विओं को दो चांदी की गिलास देकर बहुमान किया ।
श्री श्वेताम्बर वीसा ओसवाल जैन संघ बीजोवा र्क आदेश से संपूर्ण किये गये कार्य :
- सफेद मार्बल से मेयो के उपाश्रय में संघ रक्षक श्री वीर मणिभद्र मंदिर का जीर्णोद्वार |
- श्री वर्धमान आयम्बिल खाता श्री मिश्रिमलजी उमेदमलजी राणावत भवन का निर्माणा
- श्री जेनसंघश्री मिश्रिमलजी उमेदमलजी राणावत न्याति नोहरा भवन में सहयोग ।
- श्री जेनसंघश्री मिश्रिमलजी उमेदमलजी राणावत मुक्तिधाम का निर्माणा |
- श्री पंचो के चबुतरे पर श्री गणपति मंदिर का जिर्णाद्धारा |
- श्री महापर्व पर्युषण पर्व का पारना पाचम शुभदिन आजीवन स्वामीवत्सल का आदेशा
- बीजोवा ग्राम में प्रथम अतिथि गृह (गेस्ट हाउस) बनाने हेतु भूमि देकर पूजनका लाम लिया।
- पंचायत की मंजूरीलेकरबीजोवा ग्राम के कागो के वास में संपूर्ण रोड पत्थर का बनाया और मार्ग का नाम भूरमल मिश्रीमल राणावत मार्ग रखा।
धार्मिक संस्थाओ में योगदान :
- उवस्स्गर पार्श्व तीर्थ नागपुरा (दुर्ग)छत्तीसगढ में श्री राज राजेश्वरी मा पद्मावती देवी केसुन्दर मंदिर का निर्माण किया। उक्त मंदिर में प्रतिवर्ष ध्वजा मेरी और से चढ़ाई जातीहै ।
- रावलो के वास में राणावत परिवार के कुल देवता खेता खेलाजी देव मंदिर का निर्माण कराया।
- नागेश्वर तीर्थ में कमरे और देवली का निर्माण करवाया तथा भोजनशाला मै बर्तन का सहयोग किया I
- श्रीपार्श्वगौशालाबीजोवा में मुख्य कार्यालय कै निर्माण में सहयोग किया।
- श्री सेंटएलिज़ाबेथ हाँस्पिटल वालकेश्वर, मुमबई में तीन कमरों कापूर्ण रूपेण जिर्णाद्धार करवाया, कमरों का नामकरण श्री भूरमलजी श्री मिश्रीमलजी एवं श्रीमती भीकीबाई (माँ) के नाम से किया गयाl
- रावलो के वास मेंसाध्वीजी के उपासरे के निर्माण कार्यं में सहयोग दिया ।
- पूनमएपार्टमेंट सोसाइटी के श्री प्रथम तीर्थंकर देव के मंदिर में ध्वजा चढाने का लाभ आजीवन लिया ।
- गोडवाड ओसवाल नूतन निर्मित अतिथि भवन निर्माण में विंग निर्माण का लाभ लिया।
अन्य सहयोग :
- मीटर गेज प्रवासी संघ के आग्रह पर बिडला क्रीडा केंद्र के हाँल मै राजस्थान प्रवासियों के आयोजन के अंतर्गत अध्यक्ष बने उस सभा में तत्कालीन रेलवे मंत्री श्री अब्दुल गाणी खान चौधरी मुख्या अतिथि के रूप में उपस्थित थे, सभा में उन्होने मुख्या अतिथि महोदय को राणकपुर एक्सप्रेस गाडी शुरू करने की घोषणा करने हेतु पुरजोर निवेदन किया | जिस पर मंत्री महोदय ने राणकपुर एक्सप्रेस गाडी शुरू करने की घोषणा की।
- वरकाणा ग्राम के प्रवेश स्थल परग्रामवासी कूड़ा इत्यदि डालते थे व गन्दगी करते थे, उक्त स्थान परस्वय के खर्च से लुन्दट तारबंदी करा कर विभिन्न प्रजातियाँ के वृक्ष व पुष्प के पौधे लगवाए है| साथ ही सुविचार के रंगीन बोर्ड लगवाए गये हैं। आज यह स्थान वरकाणा में आगमन पर अपनी सुंदरता बिखोर रहा हैं। जहा कभी गंदगी का अम्बार था, वह एक खूबसूरत स्थान में परिवर्तित हो चुका हैं। उक्त सुन्दर स्थान के कारण ही २६जनवरी को कलेक्टर महोदय पाली व पंचायत राज्य मंत्री द्वारा वरकाणा ग्राम पंचायत को स्वच्छता का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है| एव ग्राम पंचायत वरकाणा की और से श्री राणावतजी का अभिनंदन किया गया।
- वारकाणा स्थितगौशाला के स्थापना एवं संचालन में सहयोग I
प्रदत्त सम्मान:
1.इंदिरा गाँधी सदभावना अवार्ड -१९ नवम्बर २००३ बंगलोरे द्वारा His Excellency Shri T.N. Chaturvedi
- राष्ट्रियरत्न अवार्ड १६ जनवरी २००४ श्री अरविंदर सिंह लवली (शिक्षामंत्री नईं दिल्ली) द्वारा।
- टाइम्स अचिएवेर्स ऑफ़ पाली : भारत के शीर्ष मीडिया हाऊस में से एक द टाईम्स आँफ इंडिया ने पाली में आयोजित समारोह में श्री राणावतजी को टाइम्स अचीवर्स आँफ पाली से सम्मानित किया। पाली पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भार्गव एवं एअरपोर्ट अथॉरिटी आँफ इंडिया, जोधपुर के निदेशक श्री एस. सिह द्वारा प्रदत्त यह सम्मान श्री राणावतजी की समाज एवं शिक्षा को सेतु से जोडने की जिजीविषा अलंकार है।
- प्रशस्ति पत्र : अकाल राहतपशु शिविर कं सफल आयोजन हेतु पाली उपजिल्ला कलेक्टर श्री अरूण पुरोहित द्वारा I
- स्मृति चिन्ह– विशिष्ट समाजसेवा हेतु सांसदश्री एकनाथ गायकवाड मुम्बई द्वारा |
- श्री अवंतिका राजीव गाँधी एजुकेशन एक्सेलेंसी अवार्ड, वरकाणा में।
- मोस्ट एडमायर्द नॉलेज एंटरप्राइज सम्मान २०११ जोधपुर में प्रदान कियागया।
