२० विहरमान जिनेश्वर परिवार को भाव-भरी वंदना
-
कुल २०X ८४ = १६८० गणधर भगवंतों को एवं उन्केद्वारा रचित द्वादशांगी को भावभरी वंदना….
-
२०X१० लाख = २ क्रोड़ केवलज्ञानी भगवंतों को भावभरी वंदना…
-
२०X१ =२० अरब साधू -शाध्विजी भगवंतों को भाव भरी वंदना…
-
२०Xअरबों = अरबों श्रावक-श्राविकाओं को भावपूर्ण प्रणाम….
-
प्रभु के समवसरण में पधारकर वंदन-स्तुति आदि करके प्रभु की देशना सुनने वाले चौसट इन्द्र-इन्द्राणियों, असंख्य देव-देवियों को स्बहुमान प्रणाम….
-
विशों प्रभु के अधिष्ठायक देव-देवियों को भावभरे प्रणाम…
-
समवसरण में पधारकर प्रभु की वाणी का अमृतपान करने वाले देशविरती, सम्यकत्व के सन्मुख ऐसे तिर्थ्यंचो की भी भावभरी अनुमोदना….
***** २० विहरमान जिनेश्वर *****
श्री सीमंधर स्वामी – वृषभ
श्री युगमंधर स्वामी – गज
श्री बाहु स्वामी – मृग
श्री सुबाहु स्वामी – मर्कट
श्री सुजात स्वामी – सूर्य
श्री स्वयंप्रभ स्वामी – चंद्र
श्री ऋषभानन स्वामी – सिंह
श्री अनंतवीर्य स्वामी – गज
श्री सुरप्रभ स्वामी – चंद्र
श्री विशाल स्वामी – सूर्य
श्री वज्रंधर स्वामी – शंख
श्री चंद्रानन स्वामी – वृषभ
श्री चंद्रबाहू स्वामी – पद्म
श्री भुजंगदेव स्वामी – पद्म
श्री ईश्वर स्वामी – चंद्र
श्री नेमीप्रभ स्वामी – सूर्य
श्री वीरसेन स्वामी – वृषभ
श्री महाभद्र स्वामी – गज
श्री देवयश: स्वामी – चंद्र
श्री अजितवीर्य स्वामी – स्वस्तिक
** २० विहरमान जिनेश्वरों की सामान्य जानकारी **
-
देह्वार्ण – सुवर्ण
-
देहमान – ५०० धनुष्य
-
जन्म राशि – धनराशि
-
जन्म नक्षत्र – उत्तराषाढा
-
च्यवन कल्याणक – श्रावण वदी १
-
जन्म कल्याणक – वैशाख वदी १०
-
दीक्षा कल्याणक – फाल्गुन सुदी ३
-
केवलज्ञान कल्याणक – चैत्र सुदी १३
-
निर्वाण कल्याणक – श्रावण सुदी ३
*****वर्तमान तीर्थंकर भगवान सीमंधर स्वामी का परिचय*****

