“संथारा” पर कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत भर में जैन समाज का प्रदर्शन
मुंबई | जैन धर्म की प्राचीनकाल से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था “संथारा” को राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा आत्महत्या करार दिए जाने के कारण पुरे भारत भर व मुंबई अधिकाँश जगहों पर सोमवार को प्रदर्शन किया, जिसमें लाखों जैन धर्मावलम्भियों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज किया| इस विरोध को लेकर सूरत में विशाल रैली का आयोजन हुआ जिसमें लाखों की तादाद में लोग जुड़े| इसी के साथ साथ भारत भर के आलावा अमेरिका में भी विरोध प्रदर्शन किया गया|मुंबई के सभी जैन संघो की आवगानी में गुरु भगवंतों के साथ सभी जैन संप्रदाय श्वेताम्बर,तेरापंथी,दिगंबर,स्थानकवासी सभी ने अपने एकता का परिचय देकर इसका विरोध प्रदर्शन कर जगह जगह रैलियों का आयोजन किया गया एवं ज्ञापन दिया गया| कई जगहों पर जैन धर्मावलाम्भियो ने अपने दुकाने व व्यवसाय बंद रखे|एक जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट के फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में जाने के लिए राष्ट्रीय स्थल पर तैयारियां चल रही है|भाईंदर में भी शान्ति मार्च रैली का आयोजन गच्छाधीपति आचार्य श्री विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्री सागरचन्द्र सागरसूरीश्वरजी म.सा. एवं साधू-साध्वीजी चारों समुदायों के साथ जैन समाज के लोगों ने वल्लभ नगरी (९० फीट रोड) से होते हुए मीरा भाईंदर महानगरपालिका तक पहुची जहाँ पर जैन समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय एवं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया| फिर वहां से गुरु भगवंतों के साथ मीरा भाईंदर महानगरपालिका की महापौर गीताजी जैन को इस विरोधक प्रदर्शन के लिए ज्ञापन दिया गया एवं कहा गया की इसे जल्द जल्द राष्ट्रपति महोदय तक पहुचाने की व्यवस्था करे|इस ज्ञापन देते वक़्त विधायक नरेंद्रजी मेहता,मीरा भाईंदर महानगरपालिका की महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमन कोठारी, नगरसेवक आसिफजी शेख, नगरसेवक सुरेशजी खंडेलवाल, नगरसेवक डॉ.रमेशजी जैन, नगरसेवक ध्रुवकिशोरजी पाटिल,एवं अन्य नगर सेवकों के साथ-साथ अन्यों पार्टियों के कई नेताओं व समाज के कई गनमान्य लोग उपस्थित थे|
क्या है राजस्थान हाई कोर्ट का फैसला : ज्ञात हो की राजस्थान हाईकोर्ट “संथारा” को आत्मह्त्या बताते हुए इसे भारतीय दंड सहिता ३०६ तथा ३०९ के तहत दंडनीय बताया है| इसके अनुसार अगर कोई संथारा लेता है, तो उसकी मृत्यु को आत्महत्या मानकर उसे संथारा लेने में सहयोग करनेवालों पर भी आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा चलेगा|