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श्री स्थूलीभद्रसूरीजी म.सा.

 

श्री स्थूलीभद्रसूरीजी म.सा.

 

आपका जन्म मगध की राजधानी पाटलीपुत्र में हुआ| आपके पिता का नाम शकताल व माता का नाम लक्ष्मीदेवी था| आपके पिता उस राज्य के राजा नंद के मंत्री थे| आप गौतम गोत्र के ब्रहमां थे| आपको एक भाई व सात बहनें थी| पिता की मृत्यु के बाद राजा ने मंत्री पद पर आपको आरूढ़ होने को कहा, तब आपने कोशा वैश्य को छोड़कर दीक्षा ली|

फिर क्रमश: आपको भाई व बहनों ने भी दीक्षा ली| आपने दीक्षा के पश्चात् कोशा वैश्य की चित्रशाला में चातुर्मास किया वहां पर हाव-भाव, प्रेम, नेत्रों के कटाक्ष, बत्तीस प्रकार का भोजन, चातुर्मास की ऋतु, कामकला में प्रवीण कोशा सभी अनुकूल होने पर भी आप चलित नहीं हुए, जिससे आपका नाम ८४ चोविशी तक प्रसिद्ध रहेगा| आप अर्थ से १० पूर्व के व सूत्र से १४ पूर्व के ज्ञाता थे| आप ६९ वर्ष का दीक्षा पर्याय पालनकर ९९ वर्ष की आयु पूर्ण करके वैभवगिरी पर १५ दिन का अनशन कर स्वर्ग सिधारे|