💬 Connect on WhatsApp

Jai Jinendra and a warm welcome! 🙏

Tithi & Pachkhan Schedule 📅

श्री सोमसुन्दरसूरीश्वर्जी म.सा.

 

श्री सोमसुन्दरसूरीश्वर्जी म.सा.

 

जन्म वि.सं. १४३०| आठ वर्ष की उम्र में आ. श्री जयानंदसूरीश्वर्जी के पास दीक्षा| सं. १४५७ आचार्य पद| वि.सं. १४७२ में मक्षिजी में भगवान श्री पार्श्वनाथजी की प्रतिष्ठा| वि.सं. १४७७ में ४ लघु आचार्य के साथ विहार करके पोसिना में प्रतिष्ठा की| वि.सं. १४६६ में तारंगाजी तीर्थ के मुलनायक भगवान की प्राचीन प्रतिमाजी का उत्थापन करके जिणोरद्वार करने के बाद पुन: वि.सं. १४७९ में भव्य प्रतिष्ठा करवाई| १८०० मुनि परिवार के गुरु श्री सोमसुन्दरसूरीश्वर्जी के मुख से भगवती सूत्र का श्रवण करते हुए मांडवगढ़ के सोनी संग्रामसिंह के परिवार ने ६३००० सोना मोहरों द्वारा सूत्र का बहुमान किया| वि.सं. १४९६ में राणकपुर में सं. धरणशाह ने भगवान श्री ऋषभदेवजी वैराग्य चौमुखी जिनप्रतिमाओ की प्रतिष्ठा-अंजनशलाका आचार्य श्री सोमसुन्दरसूरीश्वर्जी म.सा. के हाथो कराई| वि.सं. १४९९ में इनका स्वर्गगमन हुआ|