राष्ट्रसंत की देह पंचतत्व में विलीन

मेंगलवा (जालोर) : राष्ट्रसंत विजय जयंतसेन सुरिश्वर्जी की देह मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गई| देश के कोने-कोने से आये भक्तों ने राष्ट्रसंत विजय जयंतसेनसूरीश्वर्जी को नाम आँखों से विदाई दी| राष्ट्रसंत का देवलोकगमन रविवार को भांडवपुर जैन तीर्थ में ह्रदय गति रुक जाने से हो गया था| उनके अंतिम दर्शन के लिए भांडवपुर जैन तीर्थ पर भक्तों का हुजूम उमड़ा| विजय जयंतसेनसुरिश्वर्जी के भक्त देश के कोने-कोने में है, जिनमें प्रदेश के आलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे प्रदेश भी शामिल थे| मंगलवार को भांडवपुर जैन तीर्थ में हजारों की संख्या में लोग राष्ट्रसंत विजयजयंतसेनसूरीजी महाराज को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे|
* जयकारों के साथ निकली पालकी :
लोकसंत की पालकी भांडवपुर जैन तीर्थ से जन सैलाब के साथ रावण हुई| जो मंदिर से गाँव के मुख्य मार्गों से होती हुई अग्नि संस्कार के लिए नियमित स्थान पर पहुंची| पालकी यात्रा में बैंड बाजे की धुन पर युवा गुरुदेव के जयकारे लगे| वाही महिलाओं ने मंगल गीत गाये| युवा गुलाल उड़ाते हुए गुरुदेव की अंतिम विदाई यात्रा में शामिल हुए| राष्ट्रसंत विजय जयन्तसेनसूरीजी की पार्थिव देह को चंदन की लकड़ी एवं सूखे नारियल के गोलों से भक्तों ने ढँक दिया| अग्नि संस्कार के पश्चात जैन मुनि नियानंद व जयरत्न विजय की निश्रा में गुरु गुणवाद सभा का आयोजित हुआ|

