नाकोडा तीर्थ पर चार पंन्यास एक मुनि आचार्य बने
बालोतरा : जैन तीर्थ नाकोडा पर शासन प्रभावक राष्ट्रसंत आचार्य पदमसागरसूरीश्वरजी महाराज एवं आचार्य वर्धमानसागरसूरीश्वरजी महाराज के सानिध्य में उनके पांच शिष्यो का सूरीसिहांसन कार्यकर्म आयोजित हुआ|
इनमे पंन्यास प्रवर हेमचंद्रसागर महाराज, पंन्यास विवेकसागर महाराज, पंन्यास अजयसागर महाराज मुनि विमलसागर महाराज को आचार्य पदवी विधान संबंधी क्रियाए की गई| कार्यक्रम १.३० बजे तक चला| इसमें आसन बोहराने का पांचो आचार्य का चढ़ावा गणपतचंद चोपड़ा बीड़ी टेक्सटाइल्स पचपदरा तथा सूरी मंत्र का चढ़ावा अजयसागर महाराज के सांसारिक परिवार की ओर से किया गया| वही सूत की माला अर्पण करने का चढ़ावा गंगाबाई पंन्यास अजयसागर महाराज के सांसारिक परिवार ज्ञानचंद सिरोही, मंत्र पोथी बोहारने का सुआबाई छगनराज बागरेचा सिवाना विमलसागर महाराज के सांसारिक परिवार तथा कांबली बोहारने का चढ़ावा पंन्यास अजयसागर महाराज के सांसारिक बहन परिवार कोठारी सिरोही की ओर से लिया गया|
इसी तरह सुबह की नवकारसी का गुरुभक्त परिवार चेन्नई की ओर गया तथा दोपहर के संघ स्वमिवात्सल्य का लाभ गुरुभक्त परिवार अहमदाबाद की ओर से लिया गया| कार्यक्रम को लेकर तीर्थ परिसर एवं मंदिर में विशेष आंगी, सजावट और भव्य डेकोरेशन किया गया| इस अवसर पर नाकोडा तीर्थ के उपाध्यक्ष भूरचंद जिरावाला, कोषाध्यक्ष गणपतचंद पटवारी, ट्रस्ट मदनलाल सालेचा (बोस), उत्तमचंद मेहता, महेंद्र चोपड़ा, लूणचंद बोथरा, वीरचंद वडेरा, हुलासचंद बाफना, उदयराज जैन, रघुनाथमल देसाई, अनिल सिंघवी, शीतलराज भंसाली, सुमेरमल बागरेचा, भंवरलाल गुलेच्छा, रणवीर गेमावत, रतनलाल बोहरा, रतनलाल संकलेचा सहित भक्त उपस्थित रहे|





