नाकोडा(दरबार) मंडल लालबाग, मुंबई द्वारा आयोजित
१४वीं विराट श्री पार्श्व भैरव महाभक्ति २०१६ बड़े ही हर्षोल्हास के साथ में संपन्न
मुंबई : मुक्ति के सफ़र में आलंबन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले जिनेश्वर परमात्मा और ज्ञानी गुरु-भगवंतों के असीम उपकारों का वर्णन करना असंभव है| परमात्मा की भक्ति करने वाले व्यक्ति को मोक्ष तो मिलता ही है , साथ ही हर प्रकार के भौतिक सुख भी प्राप्त होते है, उनकी सहायतार्थ देवी देवता भी सदैव हाजिर रहते है| कुछ ऐसा ही अनुभव आज नाकोडा दरबार(मंडल) लालबाग को हो रहा है| हर वर्ष की भाँती इस वर्ष भी श्री पार्श्व-भैरव महाभक्ति में उमड़े जन सैलाब को देखकर ये विश्वास और भी पुख्ता हो जाता है|

प.पू.गुरुदेव जन-जन आस्था के केंद्र जाप निष्ठ राष्ट्रसंत आ. श्री चंद्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा और नाकोडा दरबार के संस्थापक अध्यक्ष श्री मनोजजी शोभावत के कुशल नेतृत्व में ये भक्ति आज रविवार को दी. ६.३.२०१६ को सेठ मोतीशा जैन मंदिर भायखला के प्रागण में आयोजित इस भव्य विराट श्री पार्श्व-भैरव महाभक्ति २०१६ में ५००० से ५५०० हजार का उमड़ा जन सैलाब आज इस बात का गवाह था की भक्ति में आज भी बड़ी शक्ति है| नाकोडा दरबार(मंडल) लालबाग, मुंबई द्वारा ये महाभक्ति का कार्यक्रम लगातार १४ वर्षों से आयोजित हो रहा है|

इस संपूर्ण श्री पार्श्व भैरव महाभक्ति २०१६ श्रीमती लीलाबाई पुखराजजी पूनमचंदजी रामाणी परिवार गुडा बलोतन(राज.) नाकोडा ग्रुप नेल्लोर, मुंबई, कलकत्ता, बेंगलोर, नाकोडा दरबार(मंडल) लालबाग द्वारा संचालित श्री नाकोडा दर्शन जैन पाठशाला-भायंदर स्वर्ण कलश के लाभार्थी श्रीमती कंचनबेन नथमलजी कोठारी(कोसेलाव) और रजत कलश के लाभार्थी श्रीमती विमलाबेन मदनलालजी शोभावत(खिवांदी) परिवार थे|
पशु चिकित्सा जीवदया कैंप के लाभार्थी ग्लिट्स मॉल, मुंबई इस अवसर पर श्री नाकोडाजी तीर्थ ज्ञानशाला के प्रिंसिपल गुरूजी नरेंद्रभाई कोरडिया को राष्ट्रसंत आ. श्री चंद्राननसागर सूरीश्वरजी म. सा. की आज्ञा से समाज के कई गणमान्य भक्तों की उपस्थिति में “श्री जिनशासन ज्ञानरत्न” की पदवी से सन्मानित किया गया| नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग द्वारा निर्मित, “कवी राज” गीतकार प्रदीपजी ढालावत द्वारा रचित उनकी उपस्थित में तीन सी.डी. पार्श्वप्रभु जग में निराले(परमात्मा भक्ति गीत मोहनखेड़ा में तूने दरबार सजाया, गुरु राजेंद्र भक्ति गीत भेरूजी प्यारो ने व्हाला लागे हालो नाकोड़ा दरबार भाग-१४ , भैरव- भक्ति गीत) का विमोचन किया गया| इस तीनों सी.डी. के लाभार्थी संघवी श्रीमती लीलबाई पुखराजजी पूनमचंदजी रामाणी परिवार थे| श्री विनोदकुमारजी पुनमिया (रफ़्तार बादशाह) का भी बहुमान किया है और भक्ति का जादू “भक्ति संगीतरत्न” श्री जितेंद्रजी कोठारी ने करवाया था|



