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Nakoda Darbar (Mandal) Lalbaug, Mumbai

नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग,मुंबई ने रचा इतिहास

१५वि पार्श्व भैरव महाभक्ति पर भायखला में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब

मुंबई : नाकोडा दरबार (मंडल), मुंबई द्वारा आयोजित १५वि पार्श्व भैरव महाभक्ति सेठ मोतीशा जैन मंदिर भायखला मण्डल के अध्यास्ख मनोज भाई शोभावत के प्रबल व अनुशासित नेतृत्व में विशाल जनसमुदाय की मानद उपस्तिथि में सफलता पूर्वक हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई|

इस पार्श्व भैरव में मेवाड़ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के अध्यक्ष समाजसेवी मोहनलालजी बी. पामेचा व जिरावला पार्श्वनाथ तीर्थ के महामंत्री प्रकाशजी संघवी, शिरोड़ी, विशेष अतिथि के रूप में पधारकर इस भक्ति की शोभा बढ़ाई| इस महाभक्ति के लाभार्थी श्री जालमचंदजी कपूरचंदजी मुठलिया (गुडाबालोतान) , गुंदेचा गार्डन, मुंबई परिवार वाले थे|

फूलों की नगरी बंगलोर के संगीत सम्राट विपिन जी पोरवाल ने संगीत का एइसा समां बांधा की उपस्तिथ हजारों श्रोताओं को अपने संगीत से मंत्र-मुग्ध कर दिया| १० बजे लेकर २ बजे तक इस महाभक्ति में विपिनजी पोरवाल ने भक्तों को एक क्षत्र में बांधकर रखा| इतना विशाल हॉल भी छोटा पड रहा था, हॉल के बाहर भी भारी संख्या में भक्त जन इस भक्ति का आनंद लेने के लिए कई घंटों तक खड़े रहे , वहां भी जगह कम पड रही थी| करीब ७ हजार भैरव भक्तों की जन मेदनी ने इस पार्श्व भैरव महाभक्ति का आनंद उठाया| अपनी कुशल शैली के बेताज बादशाह मंच संचालन श्री ललित जी परमार द्वारा इस महाभक्ति का संचालन किया गया|

इस पार्श्व महाभक्ति में शंखेश्वर सुखधाम तीर्थ के श्री धीरजभाई बाबुलालजी संघवी, भायखला मंदिर के चेयरमैन श्री किरणराजजी लोढ़ा, ट्रस्टी श्री घेवरचंदजी जैन , समाजसेवी श्री अमृतलालजी कटारिया, श्री पोपत्जी जैन, नाकोड़ा तीर्थ के ट्रस्टी श्री दिनेशजी तलेसरा, राजस्थान विकास मंच के अध्यक्ष श्री इन्देर्मलजी जैन, विधायक श्री राज के पुरोहित, आगामी भक्ति के लाभार्थी श्री दिनेश कुमार ज्योतिचंदजी तलेसरा, गीतकार-लेखकार-कविश्री प्रदीपजी ढालावत, मामाश्री बिपिन भाई, भवन निर्माता श्री मदनजी मुठलिया, मुनिसुव्रत स्वामी जैन मित्र मण्डल के अध्यक्ष श्री धर्मेशजी रांका, मेवाड़ जैन संघ के महामंत्री श्री किशनजी कोठारी, उद्योपति श्री गणपतजी कोठारी, उड़ान संस्था के श्री सोहनराजजी परमार, आगम-निगम के प्रधान संपादक गजराज मेहता, शताब्दी गौरव के अखिल लोढ़ा, रजनीकांत जैन, संगीतकार श्री नरेंद्र वाणीगोता, श्री जीतेन्द्र कोठारी, श्री संजय रांका, अ. भा. नवयुवक परिषद, मुंबई के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रजी मुणोत, वीतराग पाठशाला के गुरूजी विक्की सर, भैरव भक्त राजुभाई रुपावत, समाजसेवी मोतीभाई सेमलानी, साकरिया ज्वेल्स के प्रवीणजी साकरिया, जयंतीलालजी दादू, नरेशजी सिरोया के साथ कई प्रख्यात व विखाय्त अति विशिष्ठ गणमान्य महा रथियों की उपस्थिति सहारनिय रही |

नाकोड़ा दरबार जैन पाठशाला के उपाध्यक्ष श्री भरतभाई कोठारी द्वारा भायंदर में संचालित नाकोड़ा दरबार जैन पाठशाला के स्वर्ण स्तंभ के रूप में शॉल,माला व अभिनंदन पात्र देकर बहुमान किया गया|

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिरावला पार्शवनाथ के महामंत्री प्रकाशजी संघवी, शिरोड़ी के बहुमान के लिए उन्हें जैसे ही मंच पर बुलाया गया तो उन्होंने मंच पर आकर पहले अपने उद्गार व्यक्त किये की हमारा कर्तव्य था की हम जिरावला पार्शवनाथ तीर्थ पर गीतकार-लेखक-कवी श्री प्रदीपजी ढालावत व श्री मनोजभाई शोभावत का जिरावला की प्रतिष्ठा के प्रसार-प्रचार हेतु लिखे गए गीत व परिकल्पना के लिए एवं रिची शोभावत जिन्होनें घंटों-घंटों रिकॉर्डिंग के वक़्त निस्वार्थ अपना समय दिया एवं वाट्सएप एवं सोशल मीडिया के द्वारा किये गए प्रचार प्रसार हेतु हम जिरावला पार्शवनाथ तीर्थ की ओर से उन्हें चांदी का स्मृति चिन्ह द्वारा हम आप श्री का बहुमान इस मंच पर करना चाहते है ये आज्ञा नाकोड़ा दरबार (मण्डल) से ली गई| फिर उन्होंने इस मंच पर गीतकार-लेखक-कवी प्रदीपजी ढालावत, नाकोड़ा दरबार (मंडल) लालबाग मुंबई के अध्यक्ष श्री मनोजभाई शोभावत व रिची शोभावत का जिरावला ट्रस्ट के महा मंत्री प्रकाशजी संघवी,विधायक राज के. पुरोहित, संगीत सम्राट विपिनजी पोरवाल, शंखेश्वर सुखधाम तीर्थ के धीरजभाई बाबुलालजी संघवी द्वारा चांदी का स्मृति चिन्ह, शॉल, व माला द्वारा इनका बहुमान किया गया|

तत्पश्चात नाकोड़ा दरबार मण्डल के अध्यक्ष मनोज भाई शोभावत, उपाध्यक्ष भरतभाई कोठारी, सचिव नवरतनजी धोका, कोषाध्यक्ष भंवरजी छाजेड, मुकेश राणावत ने मेवाड़ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के अध्यक्ष समाजसेवी श्री मोहनलालजी बी. पामेचा व जिरावला पार्शवनाथ के महामंत्री संघवी प्रकाशजी, शिरोड़ी, का तिलक, माला, श्रीफल, शॉल व स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया गया| श्री पार्श्वभैरव महाभक्ति के सम्पूर्ण लाभार्थी हंजाबाई जामलचंदजी कपूरचन्दजी मुठलिया परिवार जिनमें कुन्दनमलजी, जयंतीलालजी, रमेशकुमारजी, मंगलचंदजी (फर्म- अरिहंत ज्वेलर्स, आर बी ज्वेलर्स, एस वि गोल्ड, मुंबई) एवं परिवार के अन्य सदस्यों का मंडल द्वारा तिलक, माला, श्रीफल, शॉल, स्मृति चिन्ह द्वारा बहुमान किया गया|

लाभार्थी परिवार रमेशजी मुठलिया ने इस प्रसंग पर कहा की आज जी इस भक्ति में भक्तों की विराट संख्या देखकर दिल गद्द गद्द हो गया , हमें ख़ुशी है की ऐसी परम महा भक्ति करवाने का सौभाग्य हमारे परिवार को मिला| इस परिवार द्वारा भक्ति पश्चात् भेरूजी के १०८ दीपक की आरती का चढ़ावा भी लिया गया| आरम्भ से लेकर अन्जाम तक का सफ़र इतना मनभावक था की महाराष्ट्र के भूतपूर्व मंत्री विधायक राज के पुरोहित भी भक्ति में खड़े होकर झुमने को मजबूर हो गए| मंडल के सदस्यों एवं पदाधिकारियों द्वारा राज के पुरोहित का भी मंच पर भव्य बहुमान किया गया| रिद्धम साउंड का सुन्दर तारतम्य प्रशंसनीय व अनुमोदनीय रहा|

नाकोड़ा दरबार के कोषाध्यक्ष भंवरजी छाजेड, सचिव नवरतनजी धोका, उपाध्यक्ष भरतजी कोठारी एवं अन्यों ने कार्य क्रम को सफल बनाने के लिए अंतिम दौर तक कार्य में लिप्त नजर आये| उनकी यथा म्हणत एवं मंडल के अध्यक्ष मनोजभाई शोभावत की अनुशासन युक्त, सौधान्तिक, कार्य प्रणाली, अनुमोदनीय रही| इस भक्ति के दरम्यान सोने व चांदी के पांच सिक्के लकी ड्रा के विजेता को लाभार्थी मुठलिया परिवार द्वारा प्रदान किये गए| इस भक्ति में संगीतकार विपिन पोरवाल व मंच संचालक ललितजी परमार का भी तिलक,माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया गया| भक्ति के पश्चात स्वमिवात्साल्य रखा गया जिसमें करीब ७ हजार से अधीक भक्तों ने लाभ लिया| नाकोड़ा दरबार मंडल द्वारा सभी को पांच रुपये की संघ प्रभावना दी गई|

कुल मिलाकर पार्श्व भैरव महा भक्तिक्षेष्ठ व्यवस्था, अनुशासन उपस्थिति व क्षेष्ठ गायिकी के लिए आने वाले समय के याद रखा जाएगा|

लाभार्थी परिवार द्वारा आमंत्रित स्नेही-स्वजनों में श्री इन्दरमलजी लेखराजजी जैन ,श्री भगवानचंदजी सुमेरचंदजी जैन ,श्री घेवरचंदजी जीवराजजी संघवी, श्री हरीशकुमार छगनलालजी जैन, श्री मांगीलालजी साकलचंदजी जैन, श्री सुभाषकुमार जुहारमलजी गुर्जर, श्री कीर्तिकुमारजी पुखराजजी जैन, श्री महेंद्रकुमार पुखराजजी रामानी, श्री प्रवीणचंद मूलचंदजी भूताजी जैन, श्री जयंतीलालजी हजारीमलजी जैन, श्री ललितकुमार थानमलजी साकरिया, श्री इन्दरमॉल भूरमलजी जैन, श्री हिराचंद ताराचंदजी शाह, डॉ. सी.एल. चौहान, श्री पारसमॉल चिमनलालजी जवेरी, श्री भरतकुमार रतनचंदजी जैन की उपस्थिति रही|

कार्यक्रम को सफल बनाने में नाकोड़ा दरबार के संस्थापक अध्यक्ष मनोज एम शोभावत के नेतृत्व में उपाध्यक्ष भारत एन. कोठारी, सचिव नवरतन बी. धोका, सह सचिव राजेश एम जैन, खंजाची भंवर के छाजेड, कार्यकारिणी सदस्य अशोक जे गाँधी, कमलेश बी. जैन, सचिन एम. जैन, मुकेश सी राणावत, संजय आर रांका, भरत एस मुठलिया, रणजीत सी जैन एवं सदस्य भरत आर फागणिया, अरविंद के जैन, हरीश आर. जैन, संजय जे सोलंकी, घेवर के छाजेड, नितेश एम. जैन, जीतेन्द्र एम. जैन, अशोक टी. वडाला, भरत जे. लालवाणी एवं नरेश जे. सोनीगरा का सहारनीय योगदान रहा|