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मुनिप्रवर ऋषभविजयजी म.सा. होगे आठवें आचार्य

मुनिप्रवर ऋषभविजयजी म.सा. होगे आठवें आचार्य

७ मई २०१७ को मोहनखेड़ा में होगा पाटोत्सव

मोहनखेड़ा : दादा गुरुदेव श्रीमद् राजेंद्रसुरिश्वर्जी म.सा. की पाट परंपरा में “आठवें आचार्य” के रूप में मुनिप्रवर श्री ऋषभविजयजी म.सा. को श्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर आचार्य पदवी प्रदान की जाएगी| पांच दिवसीय पाटोत्सव के अंतगर्त मुनिप्रवरश्री वि.सं. २०७४ की वैशाख शुक्ल १२ रविवार अर्थात ०७ मई २०१७ को आचार्य पद ग्रहण करेंगे| यह घोषणा मोहनखेड़ा तीर्थ में गुरुसप्तमी मोहत्सव के अंतगर्त की गई थी|

आचार्यपाद ग्रहण करने के लिए तिथि की घोषणा करने के लगातार दबाव के चलते अतंत: यह मुनिप्रवर की स्वीकृति के अनुसार उनके शिष्यरत्न मुनिराज श्री पियूषचन्द्रविजय जी म.सा. ने ४ जनवरी की चल रहे जाजम कार्यक्रम में यह घोषणा की थी| घोषणा को सुनते ही खाचाखच भरे सभा मंडप अक्र्तल ध्वनि से गूंज उठा| यह घोषणा आचार्य श्री रविन्द्रसुरीश्वार्जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती मुनिराज श्री हितेशचन्द्रविजयजी म.सा. , मुनिराज श्री दिव्यचन्द्रसूरीजी म.सा. तथा मुनिराज श्री चन्द्रयशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री वैराग्ययशविजयजी म.सा., सेवाभावी साध्वी श्री संघवनश्रीजी म.सा. आदि ठा. १६, साध्वी श्री रत्नरखाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा ४ की सहमती से तथा निश्रादाता मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा. मुनिराज श्री प्रीतियशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., संयमस्थिविरा साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा. आदि ठा. ९, साध्वी सधगुनश्रीजी म.सा. आदि ठा. २, श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट मोहनखेड़ा के पदाधिकारी एवं ट्रस्टी, त्रिस्तुतिक श्री संघ के पदाधिकारी व भीनमाल, सांचोर,मुंबई, थराद,खाचरोद, बड़नगर आदि अनेक श्रीसंघों की उपस्थिति में की गई|

पाटोत्सव का मुहूर्त निकालकर बांसवाडा के पंडित श्री मुरलीधर पंडया ने पाटगादी नगर आहोर श्रीसंघ के श्री लालजी भाई, पाटगादी नगर जावरा श्रीसंघ के अध्यक्ष श्री ज्ञानचन्द्र चोपड़ा, राजगढ़ श्रीसंघ के अध्यक्ष श्री मणिलालजी खजांची, अखिल भारतीय त्रिस्तुतिक श्रीसंघ के अध्यक्ष श्री चम्पालाल वर्षं, महामंत्री श्री सुखराज कब्दी, मोहनखेड़ा ट्रस्ट मंडल के उपाध्यक्ष श्री पृथ्वीराज सेठ, महामंत्री श्री फ़तेहलाल कोठारी व पड़ाधिकारियों तथा मुहूर्त प्राप्त करने के लाभार्थी मुंबई निवासी श्री आनंद भाई परमार को मंत्रोच्चार के साथ सौपा| तत्पश्चात इसकी घोषणा की गई|

पृष्ठभूमि :

उल्लेखनीय है की सप्तम आचार्य श्रीमद्विजय रविन्द्रसुरिश्वर्जी जी म.सा. का ०२ जुलाई १६ को अकस्मात देवलोकगमन हो जाने से आचार्य पद रिक्त हो गया था| आचार्य श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वेताम्बर पेढ़ी के अध्यक्ष भी थे| ट्रस्ट मंडल के महामंत्री श्री फ़तेहलाल कोठारी ने १६ अक्तूबर की महामंगालिक के अवसर पर जानकारी दी की प.पू. मुनिप्रवर सही ऋषभविजयजी म.सा. अथक प्रयास करते हुए तीर्थ के विकास में पूर्णत: योगदान दे रहे है व उनके दिशा निर्देशन में ट्रस्ट मंडल विकास कार्य कर रहा है|इसी को ध्यान में रखते हुए मुनिप्रवर का ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर मनोनयन किया है|

विभिन्न अवसरों पर श्रीसंघों तथा गुरुभक्तों ने मुनिप्रवर श्री ऋषभविजयजी म.सा. के आचार्य पद ग्रहण  करने की विनंती की गई| श्री मोहनखेड़ा तीर्थ पर १६ अक्तूबर को हुई महामांगलिक में, जिसमें मारवाड़ के भीनमाल,आहोर,भैंसवाडा,जालोर, बांसावाडा, प्रतापगढ़, निम्बाहेडा, सहित ५० से अधीक श्रीसंघों के गुरुभक्तों तथा मालवांचल के जावरा, मंदसौर,नीमच,उज्जैन,झाबुआ, टांडा, रिंगनोद,सरदारपुर, राजगढ़,मेघनगर,इंदौर,बदनावर, बडनगर, खाचरोद, आलीराजपुर, बामनिया, नागदा जंक्शन , थांदला सहित १०० श्रीसंघ व बड़ी संख्या में गुरुभक्त उपस्थित थे, मुनिप्रवर श्री ऋषभविजयजी म.सा. से आचार्य पद स्वीकार करने की विनंती की थी|

इसके पश्चात ५ नवम्बर को महामंगलिक के अवसर पर श्री मोहनखेडा तीर्थ में श्रीसंघों ,मुनि भगवंतों तथा गुरुभाक्तों की उपस्थिति में मुनिप्रवर से आचार्य पदवी ग्रहण करने तथा पदारोहण की तिथि घोषित करने के लिए प्रबल आग्रह किया गया| आग्रह की प्रबलता को देखते हुए ट्रस्ट के महामंत्री श्री फतेहलाल कोठारी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा ही सभी से विचार विमर्श के उपरांत श्री संघों को सूचित किया जाएगा|

जावरा में आचर्य पद की कामली अर्पित की :

 

अंतत: दादागुरुदेव की क्रियोद्वर नगरी में मुनिप्रवर श्री ऋषभविजय म.सा. के आचर्य पद की कामली प्रदानकर विभिन्न श्रीसंघो तथा ट्रस्टीगणों ने भावी आचर्य घोषित कर समस्त उहापोह व कयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया तो सम्पूर्ण समाज में हर्ष व्याप्त हो गया|

मुनिप्रवर श्री अपने शिष्यों मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री प्रीटीयहसविजयजी म.सा. के साथ श्री मोहनखेड़ा तीर्थ से नागेश्वर तीर्थ की और विहार करते हुए १५ दिसंबर की पीपली बाजार स्थित उपाश्रय के पाटगादी कक्ष में हुई धर्मसभा के दौरान मुनिप्रवर श्री को श्रीसंघों द्वारा आचार्य पद की कामली अर्पित की गई|

कामली अर्पण के पूर्व श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट के महामंत्री श्री फ़तेहलाल कोठारी, मैनेजिंग ट्रस्टी श्री सुजानमॉल सेठ, ट्रस्टी मंडल की ओर मुनि-साध्वी मंडल व त्रिस्तुतिक जैन संघों की सहमती का उल्लेख किया|

परंपरा में सर्वोच्च मान्यता प्राप्त जावरा श्रीसंघ के अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद चोपड़ा , सर्वश्री पदम नाहटा, क.एल. संकलेचा, कमल नाहटा , राजमाल लुक्कड़, अशोक लुक्कड़ , धरमचंद चपडोद, अनिल चोपड़ा, राजेश वर्मेचा, माणक चापदोड, राकेश पोखरण, प्रकाश चौरड़िया, मदन सिंह चोरडिया, विनोद वर्मेचा आदि ने श्री संघ की ओर से आठवें पट्टधर भावी आचर्य रूप में मुनिप्रवर श्री को स्वीकार करते हुए प्रथम कामली अर्पित की| इसी के साथ राजगढ़ श्रीसंघ अध्यक्ष श्री मणिलाल खजांची, सर्वश्री सुजानमल सेठ, श्री संजय सराफ, सर्वश्री कैलाशचंद पीपली वाला, सेवंतिलाल मोदी, मांगीलाल भंडारी, दिलीप पुरानी, प्रकाश पावेचा, दिलीप भंडारी, राकेश हरण, नरेन्द्र भंडारी, संतोष चत्तर, संतोष पिपाड़ा, दिलीप नाहर, वीरेंद्र जैन, महेंद्र जैन आदि ने राजगढ़ श्रीसंघ एवं श्री मोहनखेड़ा तीर्थ की ओर आचर्यश्री को कामली अर्पित की| इस मौके पर रतलाम, खारवाकला, नामली,बदनावर, बडनगर, उज्जैन, बड़ावदा, जाबुआ,पिपलोदा, दलौदा,इंदौर,नागदा जुक्न्तिओन सहित करीब ५० श्रेसंघों ने आठवें भावी आचर्य के रूप में मुनिप्रवर श्री ऋषभविजयजी म.सा. को कामली अर्पित की|

उल्लेखनीय है की पूर्व आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय रविन्द्रसुरिश्वर्जी म.सा. को भी पदवी के पूर्व आचर्य पद की पहली कामली जावरा में ही प्रदान की गई थी|