श्री जिरावाला पार्श्वनाथ महातीर्थ की ऐतिहासिक भव्य महाप्रतिष्ठा 02 फरवरी 2017 निश्चित किया गया

जिरावाला : विभिन्न समर्थ गच्छाधिपति, विद्वान आचार्य भगवंतों, ज्योतिषाचार्य एवं पंडितों द्वारा एकमत से राजस्थान के अरावली पर्वतमालाओं के बीच में बसा विश्व की आस्था के केंद्र जग जयवंत श्री जिरावाला महातीर्थ की भव्य महाप्रतिष्ठा का श्रेष्ठ मुहूर्त सं. २०७३ महासूद ६ गुरूवार, दिनांक 02 फरवरी 2017 निश्चित किया गया है|
उल्लेखनीय है कि 24/07/16 को मुंबई में विराजित तपागच्छाधिपति प.पु. आचार्यश्री प्रेमसूरीश्वरजी म.सा. ने यह सर्वोत्तम प्रतिष्ठा मुहूर्त प्रदान किया था| इस प्रतिष्ठा महोत्सव को अविस्मर्णीय एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु श्री जिरावाला पार्श्वनाथ जैन तीर्थ के संपूर्ण पदाधिकारी व ट्रस्ट मंडल जोर-शोर से जुट गए हैं| उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट मंडल इस पावन कार्य में सम्मिलित होने हेतु सैकड़ो आचार्य भगवंत, हजारो साधु-साध्वीजी भगवंतों को विनंती की है| साथ ही इस प्रसंग के साक्षी संपूर्ण भारत वर्ष से लाखो श्रावक-श्राविकाएं बनने की अपेक्षा है|श्री भिलाडियाजी तीर्थ से श्री जिरावला तीर्थ तक गुरु-भगवंतों सह चतुर्विध श्रीसंघ की पदयात्रा एवं सामैया व् भव्यातीभव्य प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जायेगा|
कई वर्षो तक याद रहने वाली इस प्रतिष्ठा प्रसंग निमित्त ओली, अट्टम आदि तपस्यायें, धार्मिक अनुष्ठान व पूजन, जीवदया व अनुकंपा दान आदि विभिन्न कार्यक्रम एवं विशेष रूप से इस प्रसंग पर भारत एवं भारत से बाहर बसे हुए जैन संघो, युवा मंडल एवं महिला मंडल सहित बालक-बालिकाओं, युवाओं, महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जायेगा| प्रतिष्ठा महोत्सव से पूर्व मुलनायक भगवान का गर्भगृह में प्रवेश, तीर्थ स्थान में निर्मित साधन संकुलो का उदघाटन आदि के चढ़ावे आदि बोलने का कार्यक्रम किया जायेगा|
इस प्रतिष्ठा महामहोत्सव को सफल बनाने में श्री जिरावाला पार्श्वनाथ जैन तीर्थ ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष श्री रमणलाल जैन, बाबूलाल पी. संघवी (अध्यक्ष: तीर्थ नवनिर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव) तथा प्रकाश के. संघवी (प्रतिष्ठा समन्वयक) आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जोर-शोर से लगे हुए हैं|

कुछ ऐसे करने की कोशिश है जिरावाला की एतिहासिक प्रतिष्ठा में :
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वाराणसी नगरी पुरे प्राचीन रूप में बनेगी |
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राजा का महल हूबहू बनेगा जिसमे राजदरबार से लेकर हर चीज प्राचीन होगी |
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वहां जो नदी है उसे गंगा का रूप दिया जाएगा |
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3500 साधू साध्वी जी से आने की स्वीकृति |
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भव्य सामेया जुलुस 1000 हाथी घोड़े ऊंट आदि से सुसज्जित होगा |
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मेरु शिखर विशाल प्राचीन बनेगा |
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विशाल समोरसरण की रचना होगी |
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प्रतिष्ठा के समय 21 देव विमानों से पुष्प वर्षा होगी |
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इंद्र इन्द्राणी शिखर नवराने आकाश से उतरेंगे |
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सभी स्वामिवत्सल्य बिठा कर होंगे |
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कोई VIP नहीं होगा ट्रस्टी ओर उनका परिवार भी पंगत में बैठकर भोजन करेंगे |
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कोई गच्छ वाद क्षेत्र वाद या परिवार वाद नहीं होगा |
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किसी भी देवरयो पर लाभार्थी के नाम नहीं लिखे जाएंगे |
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कोई पुराना नाम का पत्थर नहीं लगेगा |
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ट्रस्ट के खर्च से पुरे गांव के BPL धारक 36 कोमों को लखपति बनाया जाएगा |
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ट्रस्ट ओर दानदाता की उदारता देखो जिनकी धर्मशाला भोजन शाला बनी थी उन्होंने तुड़वा दी ओर लाभ भी समापन कर दिया अब उनका नाम कहीं नही आएगा|

विश्व के इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों से अंकित एवं सभी के ह्रदय पर अमित छाप छोड़ने वाले श्री जिरावाला महातीर्थ की भव्य महाप्रतिष्ठा 02 फरवरी 2017 को
प्रतिष्ठा की कुछ झलकियाँ :
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2 लाख वर्ग फीट का रंग मण्डप |
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3 लाख वर्ग फीट का भोजन खंड |
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बस और टैक्सी स्टैंड |
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हेलिपैड |
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108 दीक्षा |
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3500 लगभग महात्माओं का आगमन |
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30000 लोगों के रहने की व्यवस्था |
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सभी आजु बाजु गाँव से बस की सुविधा |
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नितिन देसाई (ND Studio) द्वारा सम्पूर्ण महोत्सव की उजमनी।
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5000 साल पूर्व जैन शासन केसा था उसकी झलकियाँ।

निश्चित जब हमारे जैसी हजारो की संख्या में चारित्रिक आत्माएं प्रवेश करेगी तो अद्भुत स्वर्ग के समान नजारा होगा, हम तो मन बना चुकें हैं आप भी अभी से मन बनाएं प्रतिष्ठा में अवश्य पधारे |
जय जिरावला…
