💬 Connect on WhatsApp

Jai Jinendra and a warm welcome! 🙏

Tithi & Pachkhan Schedule 📅

श्री अमिझरा पार्श्वनाथ

 

श्री अमिझरा पार्श्वनाथ – श्री गन्धार तीर्थ

 

यह एक प्राचीन बन्दरशाह था| इस गाँव ने अब तक न जाने कितने उठान पतन देखे है| किसी समय यहाँ अनेकों जैन मंदिर थे| स्थापित प्रतिमा पर अंकित एक लेख के अनुसार वीर नि.सं. २१३३ (विक्रम संवत् १६६४) माघ शुक्ल १० के दिन श्री विजयसेनसूरीजी के हाथों प्रतिमा की प्रतिष्ठा हुई थी| प्रतिमाजी पर विलेपन किया हुआ है|

वीर निर्वाण २२वि शताब्दी (विक्रम की १७वि) में जगतगुरु हीरविजयसूरीश्वर्जी अपने विशाल समुदाय के साथ यहाँ चातुर्मास में विराजमान थे| उस समय बादशाह अकबर ने उन्हें फतेहपुर सिकरी आने के लिए निमंत्रण यहीं पर भेजा था| जगद्गुरु ने वहां धर्म की प्रभावना अनेकों धार्मिक कार्य संपन्न हो सके की संभावना को देखते हुए, श्री संघ की सलाह और अनुमति से आमंत्रण स्वीकार्र कर लिया था|