***** भावभीनी श्रधांजलि ****

स्व. श्रीमती फुलीबाई मिश्रीमलजी वेदमेहता
स्वर्गवास : १०-०३-२०१४
भूति – राजस्थान
” माँ से मिला जन्म, माँ से मिला करम ,
माँ से मिली शिक्षा, माँ से मिले संस्कार है ,
माँ तो बस बरगद का पेड़ है ,
जिसकी चाव में हम सब शेर है |
माँ तो ममता की मूरत है , माँ तो दया की सीरत है ,
माँ में पाया एक मजबूत व्यक्तित्व ,
माँ में पाया एक सच्चा दोस्त |
माँ तो संसार के सारे सुखो का भंडार है ,
हमारी माँ ईश्वर के होने का विश्वास है | “
